चातुर्मास 2020- देवशयनी एकादशी से लग रहा है चौमासा, नहीं होंगे मांगलिक कार्य

चातुर्मास और चौमासा आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को आने वाली देवशयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास की एकादशी तक चलता है जिसे देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है| इस वर्ष 2020 में चातुर्मास 1 जुलाई से शुरू होकर 29 नवंबर तक रहेगा| चौमासा की शुरुआत यानि देवशयनी एकादशी की दिन से भगवान श्री विष्णु का शयन काल चालू  होता है जो आगे आने वाले सावन के 4 माह तक रहता है| चातुर्मास का अंत भगवान विष्णु के जागने यानि देवउठनी एकादशी के दिन होता है| इन 4 माह में कोई भी शुभ काम वर्जित होता है| साथ ही इसे “व्रतों को माह” भी कहा जाता है| चातुर्मास माह में शादी ब्याह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते है साथ ही कुछ नियमों का ध्यान रखते हुए अगर भगवान विष्णु की पूजा की जाये तो अत्यधिक फल मिलता है| 

क्या होता है चातुर्मास और चौमासा

चातुर्मास का शाब्दिक अर्थ चार माह होता है जो आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को आने वाली देवशयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास की एकादशी तक चलता है जिसे देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है| व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के 4 महीने को हिन्दू धर्म में ‘चातुर्मास’ कहा गया है। चातुर्मास हिंदुओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला महीना होता है और हिन्दू इसे सर्वशक्तिमान का आशीर्वाद पाने का अनुकूल समय भी मानते है | इस वर्ष 2020 में चातुर्मास 1 जुलाई से शुरू होकर 29 नवंबर तक रहेगा| कहा जाता है चौमासा में देवता निंद्रा में होते है इसलिए इस समय कोई भी मांगलिक कार्य करना निषेध मन जाता है | यह समय व्रत और भगवान विष्णु को समर्पित किया जाता है |

Chaturmas 2020 starting dateChaturmas 2020 ending date
1st July 202029th November 2020

चातुर्मास 2020 का महत्व 

चातुर्मास 2020 हिंदू धर्म के चार पवित्र महीने हैं जो तपस्या करने, तपस्या करने, उपवास करने, पवित्र नदियों में स्नान करने और अन्य सभी के लिए इस तरह के धार्मिक पालन करने के लिए विनियोजित हैं। इस 4 माह में भगवान विष्णु का योग निद्रा में जाना ध्यान का प्रतिक होता है | चातुर्मास  के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ और अनुष्ठान आदि सभी मंगल कार्य निषेध माने जाते हैं। देवोत्थान एकादशी के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत दोबारा फिर से हो जाती है। शास्त्रों में चौमासा के लिए कुछ विशेष नियम बनाये गए जिसमे संपूर्ण माह में व्रत का पालन करने से लेकर अपनी रूचि की वस्तु का त्याग करना है| इन 4 माह में सन्यासी  भ्रमण नहीं करते और एक ही स्थान पर रह कर तपस्या करते है | चातुर्मास में मंत्र जाप और भगवान विष्णु की आराधना करने का विशेष फल प्राप्त होता है | चौमासा 2020 में “ॐ नमो नारायणाय” का जाप करना अत्यधिक फलकररी होता है | 

क्यों कहा जाता है व्रतों को माह?

चातुर्मास में हर दिन व्रत और स्वयं पे सयम का पालन किया जाता है और कड़े नियमों का साथ व्रत रखा जाता है इसलिए इसे व्रतों का माह भी कहा जाता है | जहाँ हमारे खाने और पानी में बैक्टीरिया बाद जाते है और हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है वहां चौमसे में व्रत रख कर पाचन शक्ति को मजबूत किया जाता है | 

चातुर्मास 2020 के व्रत के लिए संपूर्ण फलाहार का कड़े नियम का पालन करना बताया गया है | इस व्रत में दूध, शकर, दही, तेल, बैंगन, पत्तेदार सब्जियों, नमकीन या मसालेदार भोजन, मिठाई, सुपारी, माँस और मदिरा का सेवन नहीं किया जाता। सावन  में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल आदि का त्याग कर दिया जाता है।

चातुर्मास 2020 मास में ना करें ये काम

चौमासा 2020 में यह कार्य करना वर्जित बताया गया है :

–सावन  में पत्तेदार सब्जियां यथा पालक, भाद्रपद में दही, आश्विन में दूध, कार्तिक में प्याज, लहसुन और उड़द की दाल आदि नहीं खाना चाहिए

–माँस, मदिरा, सुपारी, पान मसाला का सेवन नहीं करना चाहिए

–चातुर्मास  के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ और अनुष्ठान आदि सभी मंगल कार्य नहीं किये जाने किये चाहिए । 

— शरीर पे तेल लगाना नहीं चाहिए 

–कांसे के बर्तन में भोजन न करे 

–पलंग पे न सके ज़मीन पे बिस्तर लगा के लेते 

चातुर्मास 2020 मास में करें ये काम

–नियमों का पालन करते हुए व्रत रखें

–भगवान की पूजा अर्चना करें

–पिले रंग की वस्तु का दान करें 

–चौमासा में “ॐ नमो नारायणाय” का जाप करें 

— भगवान विष्णु की पूजा करें और कमल पुष्प अर्जित करें 

–अपनी रूचि की वस्तु का त्याग करें 

इस बार 4 नहीं 5 माह का है चातुर्मास 2020

वर्ष 2020 में बहुत ही दुर्लभ सयोंग बन रहा है | चातुर्मास इस बार 2020 में 4 नहीं 5 माह का होगा यानि चौमासा 5 महीने तक रहेगा | ऐसा दुर्लभ संयोग 2012 में हुआ था अब चातुर्मास 2020 में हो रहा है | आश्विन 2 होने से इस बार चातुर्मास में एक महीना बढ़ गया है |  इस वर्ष 2020 में चातुर्मास 1 जुलाई से शुरू होकर 29 नवंबर तक रहेगा| चातुर्मास के 5 माह के होने का कारण इस वर्ष 2020 में एक सावन महीने के बढ़ने का है |

चौमासा 2020 में आप भी बताये नियमों का पालन करें और भगवान विष्णु की कृपा का पात्र बने |

ॐ  शांति 

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