सावन 2020 – 300 साल बाद पांच सोमवार, दो शनि प्रदोष, सोमवती अमावस्या और राखी के साथ बन रहा है ऐसा दुर्लभ संयोग

सावन का महीना शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। सावन का पवित्र महीना 6 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त तक चलेगा। सावन का महीना जितना महादेव को प्रिय है उतना ही शिव भक्तों को भी। शिव भक्त सावन के महीने में शिव को प्रसन्ना करने के लिए विशेष पूजा आराधना करते है। सावन सोमवार के दिन महादेव को जल अर्पित करने का काफी फल प्राप्त होता है। मान्यता है की सावन सोमवार के दिन पुरे मन से शिवलिंग पे जलाभिषेक और महावदेव की प्रिय वस्तुएँ चढ़ाने से कोई भी मनोकामना पूरी हो जाती है।

सावन महीने में 300 साल बन ऐसा विशेष संयोग

महादेव के प्रिय इस सावन मास में 300 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो शिव भक्तों के लिए मनोकामनायें पूरी करने लिए विशेष अवसर लाया है। 2020 के इस सावन मास का पहला दिन सोमवार है और इस सावन मास का अंत भी 3 अगस्त सोमवार के दिन ही हो रहा है जो अपने आप में एक अद्भुत संजोग है। आईये बात करते है ऐसे संयोग के बारे में जो 300 साल बाद बन रहा है। सबसे पहले सावन की शुरुवात जैसे हमने बताया सोमवार के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में हो रहा है, इसका समापन भी उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में सोमवार के दिन ही हो रहा है। इससे भी महत्वपूर्ण ये की इसका समापन 3 अगस्त रक्षाबंधन के दिन हो रहा है। सावन 2020 का अपने साथ पांच सोमवार, दो शनि प्रदोष, और हरियाली अमावस्या लेकर आना अपने आप में ही दुरलग संयोग है। ऐसा संयोग पिछले 3 सदी में नहीं आया है।

सावन 2020 के विशेष संयोग

  1. शनि प्रदोष: सावन 2020 में दो शनि प्रदोष पद रहे है , एक 18 जुलाई को और दूसरा 1 अगस्त को। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 18 जुलाई को है। इस दिन शनिवार होने से यह शनि प्रदोष व्रत है। प्रत्येक प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर की पूजा की जाती है, लेकिन शनि प्रदोष व्रत के दिन शिव के साथ-साथ भगवान शनि की भी पूजा अर्चना की जाएगी।
    शनिदेव की उपासना व्यक्ति की सारी इच्छाओं को पूरा करने वाली और जीवन से हर तरह की निगेटिविटी को दूर करने वाली है।

  2. हयियलि तीज 2020: सावन के महीने में जहाँ हर जगह हरियाली ही हरियाली होती है उसी वक़्त हरियाली तीज का त्यौहार महिलाओं के लिए खुशियाँ लेके अत है। 23 जुलाई 2020 की श्रावण माह की कृष्ण पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज का व्रत सुहागिनों के लिए आया है। हरियाली तीज का व्रत सुहागिनें अपने सुहाग की लम्बी आयु की कामना के लिए करती है। इस दिन सभी सुहागिनें नए कपड़े पहन कर निर्जला व्रत रखती है और माँ पार्वती की पूजा करती है।

  3. रक्षाबंधन 2020: 3 अगस्त 2020 को रक्षाबंधन सोमवार के दिन सावन के पवित्र महीने का समापन उत्ताराषाढ़ा नक्षत्र में ही हो रहा है। राखी के दिन श्रवण नक्षत्र का होना अत्यंत ही लाभकारी है। राखी के दिन बहिन अपने भाई के कलाई पे रक्षा सूत्र बांध के उसके लम्बी उम्र की कामना करती है।

  4. पांच सावन सोमवार: पांच सोमवार के साथ ये सावन 2020 अपने आप में ही विशेष बन गया है। सावन 2020 की शुरवात भी सोमवार से हो रही है और अंत भी सोमवार से ही। ये पांच सोमवार वाला सावन मास सबके लिए कुछ न कुछ विशेष फलदायी लाया है।

हर हर महादेव!!

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